जिह्वा का कैंसर का होम्योपैथिक इलाज [ Homeopathic Treatment For Tongue Cancer ]

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कैलि साइनेट 3x — जिह्वा के कैंसर के घाव जिनमें जिह्वा के किनारे कड़े पड़ जाएं, बोलना कठिन हो जाए, बोलने की शक्ति लोप हो जाए। इस औषधि का जिह्म पर बहुत प्रभाव है। इसे 2 ग्रेन की मात्रा में प्रातः-सायं सेवन करनी चाहिए। जीर्णावस्था में इस औषधि की शक्ति में वृद्धि की जा सकती है।

थूजा 3x — यदि किसी रोगी में जिह्वा के कैंसर का संदेह हो, तो उसे प्रति 6 घंटे यह औषधि देनी चाहिए, साथ ही इसके टिंक्चर को रोगी-स्थान पर रुई से लगाना चाहिए।

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